Wednesday, September 30, 2015

माफी कर देना


जाने से  पहले
सब से माफी मांग लेना चाहता हूं
उन गलतियों के लिए जो हो गए हों अनजाने
बिना सोचे
बिना मन में रखे
किसी को दर्द पहुंचा हो
तो माफ कर देना।
जाने के बाद कुछ भी उठा नहीं रखना चाहता
वरना कहने वाले कहेंगे
उसने मेरे साथ अच्छा नहीं किया
फाइल यूं ही बिना दस्ख़त किए चला गया
बिना पूरा किए अपना काम जा चुका।
कोई यह न कह दे
बिन बताए चला गया
इसलिए बता देना चाहता हूं
किसी दिन बिन ताकीद किए चला गया
तो उदास मत होना
सब अपना काम पूरा करके जाना चाहता हूं
बशर्ते पूरा करने का मौका मिले।
अधूरी रह गई कोई पंक्ति
परेशान करे तो पूरा कर लेना
कोई बात छूट गई हो बीच बहस में
तो उसे भी निपटा देना
बस उलाहने मत देना
वरना जहां भी रहूंगा
मन आप में भी अटका रहेगा।
जाने के बाद पता नहीं मेरा क्या पता हो
कौन सी आई डी से मैं खुल पाउं
यह भी तो मालूम नहीं
किस ग्रह
गहवर में रहूं
संभव है वहां नेटवर्क न मिल
आप ख़ामख़ा परेशान हों।
दोस्तों से भी अभी ही माफी मांग लूं तो बेहतर,
जिनसे दिल न मिला तो क्या,
उनकी बद्दुवाओं मंे तो रहूंगा ही
उन्हें भी चाहता हूं
जिंदा रहते मांफ कर दें
ताकि चैन की नींद सो सकूं।

No comments:

शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र

कौशलेंद्र प्रपन्न ‘‘ इक्कीस साल के बाद पहली बार किसी कार्यशाला में बैठा हूं। बहुत अच्छा लग रहा है। वरना तो जी ...