कहानी जो कहती है हम से....
उसको सुन लो जी तुम...
उसको सुन लो जी तुम।
कहानी के बिना क्या है बचपन?
बचपन सुना है जी ,
बचपन बेगाना जी ।
कहानी जो कहती है तुम से ,
उसको सुन लो जी तुम....
कहानी जो कहती है किताब से,
उसको पढ़ लो जी तुम।
कहानी जो रोटी है उसको,
तुम तो सुन लो जी हाँ।
कहानी में बस्ती है नानी उसको गुन लो जी तुम।
कहानी जो कहती है तुम से उसको सुन जी तुम........
यह एक ऐसा मंच है जहां आप उपेक्षित शिक्षा, बच्चे और शिक्षा को केंद्र में देख-पढ़ सकते हैं। अपनी राय बेधड़ यहां साझा कर सकते हैं। बेहिचक, बेधड़क।
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शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र
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