योग के साथ बाबा जिस अब सेना तैयार करेंगे। यानि पातंजल योग संसथान में सैनिक तैयार किये जायेंगे। वो भी सशस्त्र। जब ऋषियों को पिछले जमाने में राक्षश तंग करते या राजा ठीक से अपनी भूमिका नहीं निभ्सता तो वो लोग धनुष उठा लिया करते थे।
विशामित्र ने धनुष उठाया। कौतिल्या ने साफ़ कहा कि ब्राहमण पठन पाठन कर सकता है तो जुररत पड़ने पर युद्ध भी कर सकता है।
बाबा जिस श्यास ही सही लेकिन सैनिक की फ़ौज कड़ी करना चाहते हैं। इस्पे होम मिनिस्टर ने गंभीर प्रतिक्रिया दिया , तो अब कानून ही उनसे निपटेगी।
सामने आने लगे बाल्क्रिशन जो नेपाली मूल के हैं लेकिन खुद को भारतीय साबित कर वेदेष घूम आये। कसे जा रहे है। साथ ही बाबा की दावों को अम्रीका ने खारिज किया तो उसके पीछे भी सर्कार कदम उठा चुकीं है।
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शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र
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