सपने में कभी आपने सड़क को लाल देखा है ? नही तो दिखाई देगी। यूँ तो सड़कें काली होती हैं। सड़क पर जाने वाली गाड़ी अपनी मंजिल तक जाती है। सड़क दोस्तों कहीं नही आती जाती जाता हैं निर्जीव गाडियां , हम और आप।
सड़कें कहीं नही जाती जाते हैं हम सजीव लोग। मगर रस्ते में बिना देखे की कौन कुचल जाए। सड़क अगर बोलती तो कहती की भाई जावो जहाँ जेआना है। मगर घर जावो। बिटिया राह तक रही है। बीवी की आस में तंगी आखें आपको जोह रही हैं।
यह एक ऐसा मंच है जहां आप उपेक्षित शिक्षा, बच्चे और शिक्षा को केंद्र में देख-पढ़ सकते हैं। अपनी राय बेधड़ यहां साझा कर सकते हैं। बेहिचक, बेधड़क।
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शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र
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