लाल किले की लाल दीवारें
वक्त के साथ काली होती चली
इंसान को दया न आए पर मौसम को जरूर आ गई
बारिश, काले बादल, पक्षी, और काला मौसम तो खूबसूरत बना ही देता हे
मिटटी को महसूस करने के लिय लेते हो आंखें बंद कर
यह एक ऐसा मंच है जहां आप उपेक्षित शिक्षा, बच्चे और शिक्षा को केंद्र में देख-पढ़ सकते हैं। अपनी राय बेधड़ यहां साझा कर सकते हैं। बेहिचक, बेधड़क।
Friday, April 4, 2008
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शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र
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