यह एक ऐसा मंच है जहां आप उपेक्षित शिक्षा, बच्चे और शिक्षा को केंद्र में देख-पढ़ सकते हैं। अपनी राय बेधड़ यहां साझा कर सकते हैं। बेहिचक, बेधड़क।
Sunday, March 30, 2008
समय मिले तो
चलेा जब समय मिले ताे बताएंगेकैसे हैं पितामां का दमाबहन की तबीयतपास के चाचाकैसे हैं सारे के सारेन समय है मेरे पास न तेरे पास हीजब तुम भी हाेगे खालीअाैर हाेगा समय तब करेंगे बातें ताराें की भीअभी न तुम खाली न मैं बेकारहाेगी तब सारी बातें बेाकर जब घर भरा हाेगा इसी िलए हम करेंगे बातें सब के बारे जब तुम साथ हाेगे अाैर करीब भीअभी न करीब हाे न समय ही
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शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र
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