काम कम दिखावा ज्यादा, बिलकुल ठीक है आज हमारे पास यैसे लोगों की जरा भी कमी नहीं जो काम कम करते हैं लेकिन गिनती के नंबर बनाने के लिए दिखा कर नंबर बना लेते हैं । इसमें वह चेहरा बेपह्चाना रह जाता है जो काम में अपनी गर्दन दर्द करा लेता है लेकिन नाम साथ वाले का होता है। क्या ही जिमेदार है। हर को अपना काम मान कर रात दिन इक कर पूरा करता है। लेकिन लोगों की नज़र में आपका पड़ोसी बाज़ी मार लेता है। कभी सोचा है येसा क्यों होता है ? येसा इसलिए hota है क्योंकि आप गधे की तरह गर्दन दोड़े में गोते काम karte रहते हैं। आपने काम को दिखने दिखाने की कला आपमें नहीं है। बस यही फर्क है आपके काम करने और उस दुसरे के काम करने के पीछे की रणनीती।
यह वक्त है काम कम कर दिखा ज्यादा। सही बात है जो दिखता है वही दुनिया की नज़र में आता है।
यह एक ऐसा मंच है जहां आप उपेक्षित शिक्षा, बच्चे और शिक्षा को केंद्र में देख-पढ़ सकते हैं। अपनी राय बेधड़ यहां साझा कर सकते हैं। बेहिचक, बेधड़क।
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