शिकायत तुम्हे है मुझ से,
गिला नहीं मुझे तुम से,
कुछ बात रही दरमियाँ,
और फासले पसर गए।
यह एक ऐसा मंच है जहां आप उपेक्षित शिक्षा, बच्चे और शिक्षा को केंद्र में देख-पढ़ सकते हैं। अपनी राय बेधड़ यहां साझा कर सकते हैं। बेहिचक, बेधड़क।
Friday, February 11, 2011
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शिक्षकीय दुनिया की कहानी के पात्र
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